ऐलनाबाद में अंदरखाते खेल? चौटाला की हार का सच!”
ऐलनाबाद में इस बार करीब 15,000 वोटों से चौटाला परिवार हार गया। और सबसे बड़ा सवाल ये है… क्या ये सिर्फ हार थी… या अंदरखाते खेल हुआ था?\\\ ऐलनाबाद में जो हुआ… वो सिर्फ एक चुनावी हार नहीं थी… ये एक पूरा खेल था… जो अंदरखाते खेला गया। 2024 में… पहली बार चौटाला परिवार का किला टूटा… अभय चौटाला… करीब 15,000 वोटों से हार गए। सवाल ये है… आखिर ऐसा क्या हुआ… कि सालों से अजेय ये सीट अचानक हाथ से निकल गई? कहानी शुरू होती है कांग्रेस की टिकट से। इस सीट पर कई बड़े नाम दौड़ में थे… लेकिन आखिर में भरत सिंह बेनीवाल… भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सपोर्ट से टिकट लेने में कामयाब हो गए। और यही था पहला टर्निंग पॉइंट। भरत सिंह बेनीवाल… एक ऐसे नेता माने जाते हैं जो अपने मजाकिया स्वभाव और लोगों के बीच पकड़ के लिए जाने जाते हैं। अब आते हैं इस चुनाव के सबसे बड़े सवाल पर… BJP ने मजबूत चेहरा कैप्टन मीनू बेनीवाल को टिकट क्यों नहीं दी? क्योंकि… जो हुआ, वो यहीं से शुरू हुआ। BJP ने अमीर चंद तलवाड़ा को उतारा… और पूरे क्षेत्र में चर्चा फैल गई… कि ये एक डमी कैंडिडेट है… और अंदरखाते INLD और BJP के बीच समझौता है। अब सोचिए… जब जनता...