ऐलनाबाद की जमीं पर कप्तान मीनू बैनीवाल और अभय चौटाला 2024 में चुनाव की तपिश बढ़ाएगा। अभय चौटाला बेशक प्रदेश में छाया हुआ है पर मीनू भी ऐलनाबाद में लगातार मजबूत हो रहा है ऐसे में मीनू बैनीवाल कैसे बिगाड़ रहा है अभय का खेल देखें यह रिपोर्ट
इंट्रो:- 2024 का चुनाव बहुत रंग दिखाएगा बड़े-बड़े मंत्रियों को हार की धूल चटाएगा तो वहीं नए चेहरों को जीत का सेहरा बांधकर चंडीगढ़ की विधानसभा में पहुंचाएगा जिस तरह 2019 में अपना भाग्य राजनीति में चमकाया ठीक उसी तरह 2024 में फिर से बहुत चेहरे अपनी राजनैतिक जमीन तलाश रहे हैं। उसी तलाश में प्रदेश की गठबंधन की सरकार का कहा जाने वाला चाणक्य भी है जिसने भाजपा को बैसाखी देने के साथ में ऐलनाबाद के उपचुनाव इनैलो को बड़ा घुमाया था बड़ी मुश्किल से जीतने दिया था अभय चौटाला को तो क्या उसकी सेंधमारी ऐलनाबाद में चलेगी। कप्तान मीनू बैनीवाल 2024 के चुनाव में ऐलनाबाद का मिजाज गर्म करने वाले हैं पहले के चुनाव और अबकी बार का चुनाव में बड़ा अंतर होने वाला है क्योंकि अबकी बार राजनिती का धुंरधर ऐलनाबाद की जमीन पर होगा। मीनू ऐलनाबाद बड़ी बारीकी से चुनाव लड़ने वाला है वो पुराने तरीके से नहीं बल्कि ने तरीके से चुनाव का खेल खेल रहा है। जातिगत समीकरण बिठाने में तो मानो उसको महारथ हो वो जातिगत संतुलन बिठा रहा है। गांव गांव जाकर लोगों की समस्या जानकर दुरस्त करवा रहा है। अब किसानों की समस्या को लेलो जोकि बड़ी समस्या थी उसका समाधान करवा दिया है। किसानों के लिए सेमनाला एक अभिशाप बन चुका था। हर साल करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हो जाती थी, क्योंकि ऐलनाबाद हल्के के दर्जनों गांवों से गुजरने वाला हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन का पानी खेतों में घुस जाता था। यह समस्या किसानों के लिए एक मुख्य आर्थिक हानि के साथ-साथ पर्यावरणीय और कृषि उत्पादन की स्थिति को भी प्रभावित कर रही थी। बता दें कि कप्तान के प्रयासों से गिगोरानी माइनर व कुतियाना माइनर पर 60 क्यूसेक पानी सेमनाले पर 2 मोटरें रखकर बढ़ा दिया गया है। जहां माइनर पहले 2 सप्ताह चलता था और 2 सप्ताह बंद रहता था, अब यह लगातार 12 महीने चलता रहेगा। जिससे कागदाना ,जसानियां, शाहपुरिया, रजपुरिया, खेड़ी, गुसाईंयाना, जमाल गांवो के किसानों को बहुत लाभ होगा। किसान के बाद आम वोटरों के लिए कप्तान मीनू बैनीवाल द्वारा समाज में भलाई के कार्य लगातार जारी है। इसी कड़ी में गांव ढूकड़ा में निशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित की किया गया। जिसमें 500 लोगों की आंखों की जांच कर जरूरत के अनुसार दवाइयां व चश्मे वितरित किए गये। इसी के साथ 82 लोगों का आंखों के ओपरेशन के लिए चयन किया गया। जिनका अनुभवी चिकित्सकों द्वारा निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। अगर इसी तरह मीनू बैनीवाल ऐलनाबाद हर गली-मोहल्ले में अपनी पहुंच बना चुके हैं। मीनू बैनीवाल को लेकर चर्चा है कि वो भाजपा उनको चुनाव लड़वाएगी अगर ऐसा हुआ तो फिर भाजपा का बड़ा मास्टरस्ट्रोक होगा। तो वहीं अभय चौटाला भी प्रदेश की राजनीति में अब छाए हुए हैं पर कहीं दीपक के निचे अंधेरा ना रह जाए। आप भी अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। देश प्रदेश की खबरों के लिए विश्वप्रेम न्यूज और हरियाणा न्यूज फ्लैश को शेयर और सबस्क्राइब करे।मुख्यमंत्री बनने के बाद भी झोपड़ी में रहा था मुख्यमंत्री?
"एक गरीब नाई परिवार में जन्मे कर्पूरी ठाकुर, जिन्होंने दो बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन जिनकी ईमानदारी और सादगी की मिसाल आज भी राजनीति में दी जाती है। उनके लिए मुख्यमंत्री का पद जनसेवा का माध्यम था, न कि विलासिता का साधन।" दो बार बिहार का मुख्यमंत्री रहने के बावजूद गरीब नाई परिवार में जनमे कर्पूरी ठाकुर का न मन बदला और न जीवन। वे फटा कुर्ता धोती पहनकर रिक्शे से मुख्यमंत्री कार्यालय से अपने घर आते-जाते दिख जाते थे। ले मेरा बेटा मुख्यमंत्री बन गया हो लेकिन मेरे लिए वह अब भी बेरोजगार है। वह मुझे पैसे नहीं भेजता। कर्पूरी ठाकुर की फकीरी के कई किस्से हैं जो आज भी राजनीति में एक मिसाल हैं। कर्पूरी ठाकुर का जन्म आज से 100 साल पहले भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान समस्तीपुर के एक गांव पितौंझिया में नाई जाति के परिवार में हुआ था। अब कर्पूरी ठाकुर की जन्मस्थली होने के कारण इस गांव को कर्पूरीग्राम कहा जाता है। कर्पूरी ठाकुर समाजवाद के सच्चे सिपाही थे। केवल सत्रह साल की उम्र में उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और जेल गए। देश की आजादी वे लोकनायक जेपी और समाजव...
.jpeg)
Comments
Post a Comment