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भारत में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल ?

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भारत में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, ईद 2025 पर बनाया नया रिकॉर्ड नई दिल्ली। भारत में सोने की कीमतों ने इस हफ्ते की शुरुआत में अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगाई है और ईद 2025 के अवसर पर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया है। बीते कुछ हफ्तों से सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी, लेकिन इस बार का उछाल निवेशकों और आम जनता दोनों के लिए चौंकाने वाला साबित हुआ है। सोने की कीमतों में तेजी के कारण विशेषज्ञों के अनुसार, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में सोने की मांग बढ़ने से इसके दामों में तेजी आई है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और महंगाई दर में वृद्धि भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। ईद के मौके पर सोने की खरीदारी में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इस्लामिक परंपराओं में सोने को शुभ माना जाता है, और इसी कारण इस त्योहारी सीजन में सोने की मांग बहुत अधिक बढ़ जाती है। ज्वेलरी मार्केट में भी रौनक देखने को मिल रही है, जहां ग्राहक भारी संख्या में सोने के आभूषण खरीदने आ रहे हैं। सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि आज बाजार खुलते ही सोने की कीम...

योगी सरकार को चेतावनी: अगर मुझे कुछ होता है, तो ज़िम्मेदार वही होगी ?

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  लखनऊ का सबसे बड़ा बेनामी ज़मीन घोटाला: 15,000 करोड़ का भ्रष्टाचार ? योगी सरकार को चेतावनी: अगर मुझे कुछ होता है, तो ज़िम्मेदार वही होगी ? लखनऊ के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बेनामी ज़मीन घोटाला सामने आया है, जिसकी अनुमानित कीमत 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस पूरे प्रकरण को समझने के लिए हमें इसकी क्रोनोलॉजी पर गौर करना होगा, जिससे स्पष्ट हो सके कि कैसे इस घोटाले को अंजाम दिया गया। कैसे हुआ घोटाला? इस पूरे घोटाले में BBD ग्रुप की चेयरमैन श्रीमती अलका दास गुप्ता और उनके पुत्र विराज सागर दास का नाम सामने आया है। उन्होंने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए प्रमोद कुमार नामक व्यक्ति (जो लखनऊ में चपरासी के रूप में कार्यरत था) के नाम पर करोड़ों की बेनामी ज़मीन खरीदी। यह ज़मीन गोमती नगर, हाई कोर्ट के पीछे स्थित है, जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 300 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। बेनामी संपत्ति कानून का उल्लंघन 1988 और 2016 के बेनामी संपत्ति कानून के अनुसार, इस प्रकार की संपत्ति न तो बेची जा सकती है और न ही ट्रांसफर की जा सकती है । यह ज़मीन सरकार की मानी जाती है और बेनामी संपत्ति रख...

वित्तीय स्थितियों में सख्ती: मार्च में शिकागो फेड इंडेक्स -0.556 पर पहुंचा !

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  वित्तीय स्थितियों में सख्ती: मार्च में शिकागो फेड इंडेक्स -0.556 पर पहुंचा नई दिल्ली: अमेरिकी वित्तीय बाजारों में हाल ही में सख्ती देखने को मिली है, जिसका संकेत शिकागो फेड नेशनल फाइनेंशियल कंडीशंस इंडेक्स (Chicago Fed National Financial Conditions Index - NFCI) के मार्च में -0.556 पर पहुंचने से मिलता है। इस बदलाव से क्रेडिट मार्केट में दबाव बढ़ा है, जिससे निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। क्या है शिकागो फेड इंडेक्स और इसका महत्व? शिकागो फेड इंडेक्स अमेरिकी वित्तीय बाजारों की स्थितियों का आकलन करने वाला एक प्रमुख संकेतक है। यह इंडेक्स वित्तीय बाजार की तरलता, क्रेडिट बाजार की स्थिति और जोखिम सहनशीलता को मापता है। अगर इंडेक्स का स्तर शून्य से नीचे रहता है, तो इसे ढीली (loose) वित्तीय स्थिति माना जाता है, जबकि शून्य से ऊपर जाने पर यह सख्त (tight) वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। मार्च में इंडेक्स के -0.556 पर पहुंचने का मतलब है कि वित्तीय स्थितियां पहले की तुलना में सख्त हो रही हैं, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक वित्तीय बाजारों पर प्रभाव पड़ सकता है। बाजा...

डोनाल्ड ट्रंप का 'मुक्ति दिवस' और आयात शुल्क पर नई नीति ?

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  डोनाल्ड ट्रंप का 'मुक्ति दिवस' और आयात शुल्क पर नई नीति वाशिंगटन, 2 अप्रैल – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को 'मुक्ति दिवस' (Liberation Day) करार देते हुए घोषणा की है कि वे अन्य देशों से आयातित उत्पादों पर 'प्रतिस्थापन शुल्क' (reciprocal tariffs) या कर लागू करेंगे। ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिका को विदेशी सामानों पर निर्भरता से मुक्त करेगा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा। 'प्रतिस्थापन शुल्क' की नीति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि वे उन सभी देशों पर आयात शुल्क लगाएंगे जो अमेरिकी उत्पादों पर अधिक कर लगाते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से व्यापार असंतुलन (trade imbalance) से जूझ रहा है, और यह नीति अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करने में मदद करेगी। ट्रंप ने एसोसिएटेड प्रेस (AP) से बातचीत में कहा, "हमने दशकों तक अन्य देशों को व्यापार में लाभ दिया है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम अपने हितों की रक्षा करें। हम किसी भी देश को अपने व्यापार पर एकतरफा लाभ उठाने की अनुमति नहीं देंगे।" अमेरिकी व्यापार नीति में बदलाव ...

आरएसएस को 'अक्षयवट' बताकर प्रधानमंत्री मोदी ने किया 'विकसित भारत' के लक्ष्य का जिक्र ?

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 आरएसएस को 'अक्षयवट' बताकर प्रधानमंत्री मोदी ने किया 'विकसित भारत' के लक्ष्य का जिक्र ? नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रशंसा करते हुए इसे भारत की सनातन संस्कृति का 'आधुनिक अक्षयवट' (अविनाशी बरगद का पेड़) बताया। उन्होंने कहा कि संघ की विचारधारा और मूलभूत सिद्धांत ही भारत को 'विकसित भारत' बनाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। आरएसएस की विचारधारा को बताया प्रेरणास्रोत प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और उनके उत्तराधिकारी माधव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सोच और दर्शन भारत को एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, "आरएसएस सिर्फ एक संगठन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीयता का जीवंत प्रतीक है। यह आधुनिक अक्षयवट की तरह है, जो अनंत काल तक हमारी सभ्यता और संस्कारों की रक्षा करता रहेगा।" 'विकसित भारत' की परिकल्पना और संघ...

मन्नारा चोपड़ा: एक उभरती हुई अभिनेत्री

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  मन्नारा चोपड़ा: एक उभरती हुई अभिनेत्री का सफर मन्नारा चोपड़ा, जिनका असली नाम बार्बी हांडा है, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से उभरने वाली अभिनेत्री और मॉडल हैं। वह मुख्य रूप से तेलुगु और हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय कौशल के लिए जानी जाती हैं। मन्नारा, प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, परिणीति चोपड़ा और मीरा चोपड़ा की रिश्तेदार हैं, जिससे उनकी पहचान और भी खास बन जाती है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा मन्नारा चोपड़ा का जन्म 25 मई 1991 को हुआ था। उनका असली नाम बार्बी हांडा है, लेकिन फिल्मी दुनिया में कदम रखने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर मन्नारा चोपड़ा रख लिया। उनका बचपन दिल्ली में बीता, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। उन्होंने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की और बचपन से ही अभिनय व मॉडलिंग में रुचि रखती थीं। फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले वह कई विज्ञापन अभियानों और मॉडलिंग असाइनमेंट्स में भी नजर आ चुकी थीं। फिल्मी करियर तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू मन्नारा चोपड़ा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्म "प्रेमा गीत" (2014) से की। इस फिल्म...

अनिल विज: हरियाणा के धाकड़ नेता, जो चुनौती देने से नहीं घबराते

  अनिल विज: हरियाणा के धाकड़ नेता, जो चुनौती देने से नहीं घबराते हरियाणा की राजनीति में अनिल विज एक ऐसा नाम है जो अपने बेबाक अंदाज, तगड़े तेवर और बिंदास स्वभाव के लिए जाना जाता है। वे सीधे मुद्दों पर बात करते हैं, किसी भी राजनीतिक चुनौती को खुलेआम स्वीकार करने का माद्दा रखते हैं और अपनी सख्त छवि के बावजूद मस्तीभरे अंदाज में भी नजर आते हैं। अनिल विज का राजनीतिक सफर और धाकड़ अंदाज अनिल विज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और हरियाणा की राजनीति में उनकी पहचान एक मजबूत, ईमानदार और साफ-सुथरी छवि वाले नेता की है। वे अम्बाला छावनी से लगातार विधायक हैं और पार्टी में बड़े फैसलों का हिस्सा भी रहते हैं। अपने बेबाक बयानों के कारण वे हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं, चाहे वह विपक्ष पर तीखे हमले हों या फिर अपनी ही सरकार में किसी मुद्दे पर असहमति। उनकी खासियत यह है कि वे निडर होकर अपनी राय रखते हैं। विपक्ष पर प्रहार करने में वे किसी से पीछे नहीं रहते, और जब बात खुलकर मुकाबला करने की आती है तो वे हमेशा आगे रहते हैं। चाहे विधानसभा में जोरदार बहस हो या मीडिया के सामने अपनी बात रखने ...